Sunday, October 2, 2022
More

    धर्मसंसद में ‘नरसंहार आह्वान’ की गूंज पहुँची अमेरिकी संसद तक, हम अब भी बहरे बने बैठे हैं

    Dharam Sansad Hateधर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ दिए गए नफरती भाषण की गूँज अब अमेरिकी संसद में भी सुनाई दे सकती है। मुसलमानों के नरसंहार की कॉल पर भले ही भारत सरकार सख्त ना हो,लेकिन जेनोसाइड वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन इस मुद्दे पर काफी सख्त दिख रहे हैं।

    टेलीग्राफ में छपी खबर के मुताबिक अमेरिका में रहने वाले भारतीय प्रवासी समूह,जेनोसाइड वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल इस मामले की सुनवाई अमेरिकी संसद में करवाना चाहते हैं।

    हाल ही में अमेरिकी होलोकॉस्ट म्यूजियम ने “सामूहिक हत्याओं के जोखिम वाले देश” की सूची में भारत को दूसरे स्थान पर रखा था। जेनोसाइड वॉच के अध्यक्ष ग्रेगरी स्टैंटन ने इसकी सूचना प्रवासी भारतीय समुदाय से जुड़े संगठनों द्वारा आयोजित एक संसदीय ब्रीफिंग में दी।

    उन्होंने कहा, “हम द्विदलीय लैंटोस मानवाधिकार आयोग द्वारा एक संसदीय सुनवाई की मांग करेंगे।इस सुनवाई का उद्देश्य अमेरिकी संसद में एक प्रस्ताव पारित कराना होगा जिससे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को एक चेतावनी दी जा सके कि उन्हें नरसंहार से जुड़े आह्वानों जो कि अपने आप में एक अपराध है,बंद करना होगा।”

    क्या है लैंटोस मानवाधिकार आयोग?

    लैंटोस मानवाधिकार आयोग एक संसदीय कॉकस (राजनैतिक दलों या प्रत्याशियों के ऊपर उनके समर्थकों द्वारा बहस करने की बैठक)है जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित पूरी दुनिया के मानवाधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित है। जेनोसाइड वॉच के अध्यक्ष ने कहा कि नरसंहार एक घटना नहीं बल्कि एक प्रक्रिया होती है। अमेरिकी आयोग की अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता भी इस मुद्दे पर सुनवाई कर सकता है। बीते 2 साल में यह आयोग भारत को “विशेष चिंता के देश” के रूप में रखने की बात कर रहा है। उनके डाटा के मुताबिक भारत में नरसंहार होने की 14.4% आशंका है।

    Advertisement
    Shruti Bhardwaj
    Journalist, who loves to write only Political news. Love Satire. Keen Observer and a good orator.

    संबंधित खबरें

    Conntect with Us

    898,779FansLike
    5,434FollowersFollow
    605,819SubscribersSubscribe
    - Advertisement -