Friday, July 1, 2022
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    Union budget 2022: बजट से निराश मध्यमवर्गीय लोग, डायरेक्ट टैक्स स्लैब में कोई राहत नहीं।

    नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में आम बजट 2022-23 (Union Budget 2022) पेश किया यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट है। पिछले साल की तरह यह बजट भी पेपर लेस और डिजिटल तरीके से पेश किया गया है। डिजिटल बजट पेश कर रहीं वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि 2014 के बाद से सरकार का ज़ोर नागरिकों विशेषकर गरीबों को सशक्त करने पर है। गरीबों की क्षमता बढ़ाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि अगले 3 सालों के दौरान बेहतर दक्षता वाली 400 नई पीढ़ी की वंदेभारत ट्रेनें लाई जाएंगी।

    बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि अब तकनीक से जुड़े विकास पर सरकार का ध्यान है। हम चुनौती उठाने की मज़बूत स्थिति में हैं। वित्तमंत्री ने कहा कि यह अगले 25 साल की बुनियाद का बजट है। आधुनिक बुनियादी ढांचे पर निवेश की योजना है। इस बजट में आम निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

    इस बजट में डिजिटल करेंसी शुरू करने का ऐलान हुआ है। वर्चुअल करेंसी पर सरकार ने 30 प्रतिशत टैक्स लगाने की घोषणा की है। इसके अलावा सरकार इस साल 5G सेवा शुरू करेगी।

    यह बजट टैक्सपेयर्स और मिडिल क्लास लोगों के लिए बेहद ही निराशाजनक रहा। ना तो उनको टैक्स स्लैब में कोई छूट दी गई और ना ही किसी स्कीम के तहत उन्हें उनको सरकारी कामों में प्रायोरिटी देने का एलान हुआ।

    हां , टैक्स पेयर्स को ये राहत जरूर मिली है कि आईटीआर फाइल करने में और दो साल तक की राहत दी गई है। गलती पता चलने पर दो साल तक टैक्स चुकाकर अपडेटेट रिटर्न भरा जा सकेगा। इसके अलावा सैलरी पर काम करने वाले और टैक्सपेयर्स को इस बजट से जो भी उम्मीदें थी, वो उम्मीद ही बनकर रह गई।

    संसद में बजट पेश होने के बाद से विपक्षी पार्टियां वित्त मंत्री निर्मला सीताराम द्वारा पेश किए गए बजट को बेहद ही निराशाजनक बजट बता रही है । साथ ही वह इस बजट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल कह रहे हैं कि पिछले बजट में किए गए वादों का का कोई हिसाब क्यों नहीं है इस बजट में।

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बजट पर निराशा दागते हुए कहा कि ‘बजट में नौकरीपेशा वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है। बजट में आम लोगों के लिए कुछ भी नया नहीं है’ ।
    कांग्रेस ने भी पार्टी नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ केंद्र सरकार पर हमला किया और इसे “नथिंग बजट” कहा।

    उन्होंने अपने ट्विटर पोस्ट में लिखा कि “# Budget2022 का सच – ‘बजट कुछ नहीं’। गरीबों की जेब खाली है, कुछ नहीं। नौकरीपेशा की जेब खाली, कुछ नहीं। मध्यम वर्ग की जेब खाली है, कुछ नहीं। किसान की जेब खाली, कुछ नहीं। युवाओं की आस टूटी है, कुछ नहीं। खपत बढ़ाने के लिए, कुछ नहीं। छोटे उद्योग का प्रचार, कुछ नहीं । “

    इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने बजट की आलोचना की। “बजट में आम लोगों के लिए कुछ भी नहीं है, जो बेरोजगारी और गाय से कुचले जा रहे हैं। सरकार बड़े शब्दों में खो गई है, जो कुछ भी नहीं दर्शाता है – एक पेगासस स्पिन बजट ।”

    जहां एक तरफकेंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बजट की तारीफ करते हुए कहा कि वित्त मंत्री जी द्वारा इस साल 25,000 किलोमीटर सड़क निर्माण पूरा करने के लक्ष्य के साथ साथ प्रदूषण के रोकथाम के लिए शहरों में ई-वाहनों को बढ़ावा देने की योजना का मैं स्वागत करता हूं। साथ ही शहरों में बैटरी अदला-बदली की निति पर जोर दिया जाएगा जिससे प्रदूषण से निजात मिलेगी।

    तो वहीं दूसरी ओर किसान नेता राकेश टिकैत ने बजट के बारे में कहा कि जितना दिखाया जाता है उतना फायदा नहीं होता, दिखाते ज्यादा हैं और मिलता कम है। हमने कहा MSP गारंटी कानून बना दें, इस कानून से कम कीमत में फसलों की खरीद बंद होगी। उन्होंने कहा कि अभी व्यापारियों को इसका फायदा हो रहा है जो कम कीमत में फसलों को खरीदकर MSP में महंगे कीमत में बेचते हैं।

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    Tannu Rai
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