Sunday, October 2, 2022
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    भारत में हुई कोरोना वायरस से 32 लाख मौतें, स्टडी ने बताया सरकारी आंकड़ों से आठ गुना ज़्यादा गई जाने

    (File photo/ Reuters 2021)

    कोलकाता से निकलने वाला इंग्लिश अखबार द टेलीग्राफ केअरलाइन आज देश भर में सुर्खियों में है। दरअसल द टेलीग्राफ ने एक ऐसा अध्ययन अपने अखबार में छपा है जिसके अनुसार कोरोनावायरस के कारण देश में लगभग 32,00,000 लोगों की मौत हुई है। यह संख्या 32,00,000 से 37,00,000 के बीच है।

    यह खबर इसलिए इतनी बड़ी है क्योंकि अगर सरकारी आंकड़ों की माने तो केवल 4,00,000 मौतें हुई थी उस हिसाब से यह नया आंकड़ा पिछली दिखाई गई मौतों से 8 गुना ज्यादा है। ऐसे में सरकार पर यह बड़े सवाल उठाती है।

    भारत में कोरोना के मामलों की बात करें तो 16 फरवरी को सरकारी आंकड़ों मुताबिक 24 घंटों में 30,615 नए मामले सामने आए थे। वहीं 514 लोगों की इस महामारी से मौत हुई। कोरोना की वजह से अबतक कुल मौतें 5,09,872 मौतें हुई है। हालांकि बुधवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कोविड -19 मृत्यु दर आधिकारिक गणना की तुलना में छह से आठ गुना अधिक है।

    अध्ययन के आंकड़ों के अनुसार माने तो नवंबर 2021 की शुरुआत में 32 से 37 लाख के बीच लोगों की कोविड से मृत्यु हुई थी। हालांकि उस वक्त राज्यों के आंकड़ों के आधार पर केंद्र की गिनती लगभग 4,60,000 थी। तब से मौत की आधिकारिक गिनती बढ़कर 5,09,872 से अधिक हो गई है।

    फ्रांस के रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट में जनसांख्यिकी के विशेषज्ञ क्रिस्टोफ़ गुइलमोटो ने देशव्यापी मौतों का अनुमान लगाने के लिए चार अलग-अलग केरल की आबादी, भारतीय रेलवे के कर्मचारी, विधायक और सांसद, और कर्नाटक में स्कूली शिक्षकों को लेकर रिसर्च की।

    यह अनुमान यदि सही हैं, तो भारत सबसे अधिक मृत्यु दर वाला देश होगा। जोकि अब तक अमेरिका में लगभग 8 लाख और ब्राजील में 6 लाख लोगों की मौत से काफी आगे है। दुनिया भर में मरने वालों की संख्या मौजूदा 5.8 मिलियन से अधिक हो जाएगी।

    गुइलमोटो ने चार अलग-अलग क्षेत्रों में हुई कोविड मौतों का इस्तेमाल करके इस रिसर्च थ्योरी को तैयार किया‌ है। केरल में हुई मौतें, भारतीय रेलवे के कर्मचारी, विधायक-सांसद और कर्नाटक में स्कूली शिक्षकों की कोविड से हुई मौतों को आधार मान कर इस में हुई मौतों का अनुमान लगाया गया है।

    इस रिसर्च की जानकारी अखबार को देखते हुए रिसर्चर्स बताया कि कि इस तरह के अध्ययन जिनमें अलग-अलग डेटाबेस का विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया है और जिनमें मौतों की संख्या को कम गिनने और केंद्र के आंकड़ों को चुनौती देने की जो बात सामने आ रही है वो परेशान करने वाली है ।

    हालाकि अभी सरकार की रिर्पोट के अनुसार भारत की कोविड से होने वाली मृत्युदर दुनिया के मुक़ाबले की अपेक्षा कम है, सरकारी गिनती के मुताबिक़ प्रति 1,000 जनसंख्या में कोविड मृत्यु दर 0.3% है, वहीं दुनिया का औसत 0.6% है ।

    अगर रिसर्च में सामने आने वाली संख्या 30.2 लाख से लेकर 30.7 लाख तक सही साबित होती है तो भारत की मृत्यु दर 2.3 से 2.6 तक हो जाएगी जो वैश्विक औसत 0.6 से लगभग चार गुना ज़्यादा होगी।

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    Tannu Rai
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