Tuesday, July 5, 2022
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    प्रयागराज धर्म संसद: भारत को किया हिंदू राष्ट्र घोषित, बोले, गांधी को राष्ट्रपिता नहीं मानते।

    Prayagraj dharam sansadआज एक बार फिर धर्म संसद में “धर्म” के नाम पर विवादित बयानों का सिलसिला जारी रहा। हरिद्वार के बाद आज प्रयागराज में धर्म विशेष्य पर विवादास्पद टिप्पणी की गई । प्रयागराज की धर्म संसद में आज एक बार फिर “राष्ट्रवाद” के नाम पर सांप्रदायिक भाषण दिए गए।

    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आज धर्म “संसद” का आयोजन किया गया है। इसमें देश के कई हिस्सों से आए तमाम संत शामिल हुए। संत सम्मेलन 29 जनवरी, 2022 (शनिवार) को आयोजित हुआ था।

    धर्म संसद , जिसमें संतों ने असंवैधानिक तरीके से भारत को संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित करने का प्रस्ताव पास किया। इस दौरान देश के कानून और संविधान को ताक पर रखकर यह ऐलान कर दिया गया कि आज से ही धर्म संसद में शामिल हुए सभी लोग भारत को “हिंदू राष्ट्र भारत” लिखेंगे।

    यही नहीं, धर्म संसद में संतों ने भारत में मुसलमानों का अल्पसंख्यक दर्जा समाप्त करने की मांग भी की। इस दौरान एक संत ने कहा की अल्पसंख्यक समाप्त होना चाहिए, इस देश में कोई भी अल्पसंख्यक नहीं है इसीलिए अल्पसंख्यक की राजनीति अब बंद हो जानी चाहिए।”

    प्रयागराज में संतों ने हरिद्वार हिट्स स्पीच में आरोपी दोनों धर्मगुरुओं को बिना शर्त रिहा किए जाने की मांग की है।

    संत सम्मेलन के मुख्य अतिथि काशी सुमेरू पीठ के स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने देश के 80 करोड़ हिंदुओं का आह्वान किया कि सरकार माने या न माने, लेकिन लोग अभी से हिंदू राष्ट्र भारत लिखना शुरू करें। उन्होंने कहा कि अंत में सरकार संतों और आम जनता के दबाव के आगे झुकेगी क्योंकि संत सम्मेलन का लक्ष्य भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है और इस्लामिक जिहाद को दूर करना है।

    अफसोस की बात तो यह रही कि जहां एक ओर देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर उन्हें याद कर सम्मानित कर रहा है वहीं दूसरी ओर धर्म संसद में जगतगुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने तो महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता ही मानने से मना कर दिया और नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भारत का पहला प्रधानमंत्री बताया।

    इन संतो ने धर्म संसद के मंच से देश के कानून और सरकार को यह धमकी दी कि हरिद्वार हेट स्पीच के मामले में शामिल “यति नरसिंहानंद गिरी और वसीम रिजवी और जितेंद्र नारायण त्यागी को बिना किसी शर्त के रिहा किया जाए वरना उग्र आंदोलन किए जाएंगे जिसके लिए केवल सरकार जिम्मेदार होगी।”

    रही सही कसर कसर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जगतगुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने यह क्या की पूरी कर दी की हम अपने देवी-देवताओं से शिक्षा ग्रहण कर अपने हाथों में अस्त्र शस्त्र धारण करें। उन्होंने यहां तक कह दिया कि रोको, टोको और ना मानने पर ठोक दो। उन्होंने धर्मांतरण कराने वालों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है।

    हद तो तब हो गई जब मंच पर से एक संत ने यह कह दिया कि “इस्लामी जेहादी एक बिल्ली है जिसकी दोनो आंखें फोड़ में बेहद जरूरी है। इस बिल्ली की एक आंखें मस्जिद और मदरसे जहां ऐसी शिक्षा दी जाती है और दूसरी आंख वह मौलवी है जो ऐसी शिक्षा देते हैं और जिहादियों को पैदा करते हैं।”

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    Tannu Rai
    Learning journalism, blogs are all about my opinion and perspective on different topics. Mostly write about the on going events of politics, social and entertainment industry. Blogs are in very simple language nd topics are related common people. In entertainment field, love to write about their fashion, life ,style,diets,and professional work . Also write about social issues and development of society.

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