Tuesday, July 5, 2022
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    प्रधानमंत्री मोदी ने किया 216 फीट ऊंची “स्टैच्यू ऑफ इक्वालिटी” का अनावरण, संत श्री रामानुजाचार्य की याद में बनाई गई मूर्ति

    modi statue of equalityप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हैदराबाद में “स्टैच्यू ऑफ इक्वालिटी” मूर्ति का अनावरण किया। यह स्टैच्यू 11वीं सदी के भक्ति शाखा के संत श्री रामानुजाचार्य जी की याद में बनाया गया है। हैदराबाद शहर के बाहरी इलाके शमशाबाद में 45 एकड़ के कैंपस में यह बड़ी मूर्ति को स्थापित की गई है। ‘स्टैच्यू ऑफ इक्वालिटी’ को संत रामानुजाचार्य के जन्म के 1,000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में बनाया गया है।

    प्रतिमा की ऊंचाई 216 फीट है। चिन्ना जीयर स्वामीजी के आश्रम ने एक बयान जारी कर बताया कि बैठने की स्थिति में यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मूर्ति है। मूर्ति बनाने में 1,000 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। विश्व स्तर पर कई भक्तों ने मूर्ति निर्माण में दान दिया है। श्री रामानुजाचार्य का आंतरिक गर्भगृह 120 किलो सोने से बना है। इसे संत द्वारा पृथ्वी पर बिताए गए 120 वर्षों की याद में बनाया गया है।

    13 फरवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आंतरिक गर्भगृह की रामानुज की स्वर्ण प्रतिमा का अनावरण करेंगे। यह पांच धातुओं से बना है, जिसमें सोना, चांदी, तांबा, पीतल और जस्ता शामिल हैं। परिसर को 108 दिव्य देशम्स के समान बनाया गया है। कैंपस में 108 दिव्य देशम हैं, 108 अलंकृत नक्काशीदार विष्णु मंदिर हैं, जो रहस्यवादी तमिल संतों की कृति अलवार में वर्णित हैं।

    कौन थे संत रामानुजाचार्य?

    सन् 1017 में तमिलनाडु के श्री पेरुम्बदूर में जन्मे श्री रामानुजाचार्य समाज सुधारक और वैदिक दार्शनिक थे। सामाजिक, सांस्कृतिक, लिंग, शैक्षिक और आर्थिक भेदभाव से लाखों लोगों को इस मूलभूत विश्वास के साथ मुक्त किया कि राष्ट्रीयता, लिंग, जाति, जाति या पंथ की परवाह किए बिना हर एक इंसान समान है। उन्होंने समानता और सामाजिक न्याय के प्रचार के लिए पूरे भारत की यात्रा की और भक्ति आंदोलन को पुनर्जीवित किया था।

    अपने उपदेशों से रामानुजाचार्य ने लोगों में भक्ति विचारधाराओं को प्रेरित किया। उन्होंने प्रकृति और उसके संसाधनों जैसे हवा, पानी और मिट्टी के संरक्षण की अपील की। रामानुजाचार्य ने नौ शास्त्रों को लिखा, जिन्हें नवरत्नों के नाम से जाना जाता है। इसके साथ ही उन्होंने वैदिक शास्त्रों पर कई टिप्पणियों की रचना भी की। रामानुजाचार्य ने पूरे भारत में मंदिरों में किए जाने वाले अनुष्ठानों के लिए सही प्रक्रियाओं को स्थापित किया था।

    मूर्ति अनावरण के लिए पीएम मोदी शनिवार को तेलंगाना दौरे पर पहुंचे थे। लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव उनका स्वागत करने से दूर रहे। हाल ही में सीएम केसीआर ने पीएम मोदी पर खुलेआम निशाना साधा था। मंगलवार को केसीआर ने केंद्रीय बजट को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया था। केसीआर ने कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को हटाकर बंगाल की खाड़ी में फेंकने की जरूरत है।

    उन्होंने आगे कहा- “जब बंगाल में चुनाव था तो उन्होंने (मोदी ने) टैगौर की तरह दाढ़ी बढ़ा ली, जब तमिलनाडु में चुनाव था तो उन्होंने लुंगी पहन ली। पंजाब में चुनाव था तो सिर पर पगड़ी बांध ली। अब मणिपुर और उत्तराखंड में चुनाव है तो वहां की स्थानीय टोपी और शॉल पहन रहे हैं। आखिर क्या है ये सब?”

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    Shruti Bhardwaj
    Journalist, who loves to write only Political news. Love Satire. Keen Observer and a good orator.

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