Saturday, May 21, 2022
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    उडुपी : अपने मौलिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है मुस्लिम छात्राएं

    उडुपी: कर्नाटक के उडुपी जिले के एक सरकारी कॉलेज ने करीब एक महीने से छात्रों के कक्षा के अंदर हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया है। कॉलेज के आठ मुस्लिम छात्रों ने, जिन्होंने मांग की कि उन्हें हिजाब पहनकर उन्हें क्लास में नहीं जाने दिया जा रहा है। यह मामला बीते साल 31 दिसंबर से शुरू हुआ था और अब तक जारी है। जहां कॉलेज एक तरफ समानता की बात करते हुए इन लड़कियों को हिजाब पहनने की अनुमति नहीं दे रहा है तो वहीं दूसरी तरफ लड़कियां अपने “मूल अधिकारों” की लड़ाई लड़ रही हैं।

    इस विवाद पर गवर्नमेंट विमेंस प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज, उडुपी की प्रिंसिपल और कमेटी पहले ही इस पर अपना फैसला सुना चुकी है। प्रिंसिपल ने कहा है कि हिजाब पर प्रतिबंध “समानता” (equality) बनाए रखने के लिए लागू किया जा रहा था। लेकिन बीते रोज 8 मुस्लिम छात्रों में से 2 छात्रों ने क्विंट के साथ एक इंटरव्यू में अपना पक्ष रखा।

    द क्विंट के साथ हुई इस बातचीत के दौरान, कॉलेज की दो मुस्लिम छात्राएं , 18 वर्षीय एएच अल्मास और 17 वर्षीय आलिया असदी ने इन बीते दिनों में उनकी परेशानी और आने वाली परीक्षाओं के बारे में खुलकर बात की। छात्रा आलिया ने कहा कि ” हम मुसलमान हैं, और हिजाब हमारे मज़हब का एक हिस्सा है। इसके साथ ही, हम करियर और अच्छे जीवन की उम्मीद रखने वाले छात्र भी हैं। हमसे अचानक अपनी पहचान और अपनी शिक्षा के के बीच में से किसी एक को चुनने को क्यों कहा जा रहा है? यह बिल्कुल गलत है। ”

    वहीं दूसरी छात्र अलमास का कहना है कि”जब हम पिछले साल कॉलेज आए थे और हिजाब पहनने की कोशिश की, तो हमें बताया गया कि हम हिजाब नहीं पहन सकते क्योंकि हमारे माता-पिता ने हमारे एडमिशन के दौरान एक लिखित एग्रीमेंट पर साइन किया है, जिसमें कहा गया था कि हम विश्वविद्यालय में हिजाब नहीं पहनेंगे।” उसके बाद लॉकडाउन के कारण काफी लंबे समय तक कॉलेज बंद रहे लेकिन जब 31 दिसंबर 2021 को‌ जब हम कॉलेज में हिजाब पहनकर आएं हमें क्लास में अंदर आने से मना कर दिया गया। परेशान ना करने पर हमें क्लास से धक्के मार के निकालने की धमकी भी दी गई। इसके लिए जब हमने कॉलेज के रूल्स पड़े तो उसमें में पता चला कि कॉलेज में ऐसा कोई भी नियम नहीं है और ना ही हमारे अभिभावकों ने ऐसा कोई एग्रीमेंट साइन किया है।

    इस बात को सुलझाने के लिए कॉलेज के अधिकारियों ने छात्राओं के माता-पिता के साथ एक मीटिंग रखी जिसकी अध्यक्षता कॉलेज की विकास समिति के अध्यक्ष और उडुपी के भाजपा विधायक के रघुपति भट ने की। बैठक के बाद छात्रों को बताया गया कि कॉलेज अपने फैसले पर टिका रहेगा और उन छात्रों को का क्लास में हिज़ाब पहन के आने की इजाज़त नहीं है।

    लेकिन कॉलेज की मुस्लिम छात्राओं का कहना यह है कि जब कॉलेज के अंदर धार्मिक कार्यक्रम की जा सकती हैं , कॉलेज के अंदर हवन और पूजा होती है तो उन्हें हिजाब पहनने की अनुमति क्यों नहीं मिल सकती।
    अलमास का कहना है कि इस पूरे विवाद में उनकी पढ़ाई को बेहद नुकसान हो रहा है। उनके अटेंडेंस कम हो रही है और कुछ ही दिनों में उनके एग्जाम से जिसके लिए वह पढ़ नहीं पा रही हैं तो ऐसे में वो एग्जाम कैसे दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पूरा हंगामा और प्रदर्शन छात्राओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा हैं।

    छात्रों ने कहा कि कॉलेज के इस कड़े रवैए को देखते हुए उनके पास ज्यादा ऑप्शन नहीं हैं । आलिया ने कहा, “हम या तो हार मान जाएं और क्लासेस अटेंड करें , या अपने मौलिक अधिकारों के लिए लड़ना जारी रखे । हमने दूसरा विकल्प चुना और अपने मौलिक अधिकारों की लड़ाई जारी रखी है। हम हार नहीं मान रहे हैं।”

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    Tannu Rai
    Learning journalism, blogs are all about my opinion and perspective on different topics. Mostly write about the on going events of politics, social and entertainment industry. Blogs are in very simple language nd topics are related common people. In entertainment field, love to write about their fashion, life ,style,diets,and professional work . Also write about social issues and development of society.

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