Wednesday, November 30, 2022
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    5000 पन्नों की चार्जशीट के बाद क्या मोदी अपने टेनी से इस्तीफ़ा माँगेंगे?

    लखीमपुर हिंसा मामले को क़रीब 3 महीने का वक़्त बीत चुका है, अब तक जितनी रिपोर्ट्स सामने आई हैं, उन सभी रिपोर्ट्स में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी का पुत्र आशीष मिश्रा को हिंसा का ज़िम्मेदार ठहराया गया है। योगी सरकार द्वारा गठित SIT ने भी मंत्री पुत्र आशीष को हिंसा का मुख्य आरोपी बनाया है। मामले की जांच कर रही SIT ने अपनी रिपोर्ट में साफ़ कहा था कि घटना को सुनियोजित तरीक़े से अंजाम तक पहुंचाया गया। बावजूद इसके योगी सरकार लगातार घटना पर पर्दा डालने की कोशिश करती रही… लेक़िन सच है कि छुपता नहीं।

    आज SIT ने मामले से संबंधित चार्जशीट कोर्ट में दाख़िल कर दी. चार्जशीट में साफ़-साफ़ कहा गया है कि लखीमपुर कांड का मुख्य आरोपी मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा घटना के वक़्त वहीं पर मौजूद था। किसानों को जान बूझकर कुचला गया. मसलन आज चार्जशीट में भी साफ़ हो गया कि आशीष मिश्रा ने किसानों को निशाना बनाकर उनको कुचला। हैरानी की बात ये है कि अभी तक आरोपी के पिता टेनी महाराज ने इस्तीफ़ा नहीं दिया है, बल्कि उनसे इस्तीफ़ा किसी ने माँगा ही नहीं है। पिछले दिनों पत्रकार को धमकाने का एक वीडियो वायरल हुआ था। लखीमपुर हिंसा को लेकर जब रिपोर्टर ने टेनी महाराज से सवाल किया तो वह बौखला गए औऱ रिपोर्टर को धमकी देते हुए कहा था कि चार्जशीट दाख़िल हुई?

    क्या अब टेनी महाराज इस्तीफ़ा देंगे? क्या मोदी कैबिनेट अजय मिश्रा से इस्तीफ़ा लेगी? ऐसे तमाम सवाल हैं जो आप मोदी सरकार और टेनी महाराज से पूछना चाहते हैं। लेक़िन इसका जवाब एक ही होगा कि टेनी महाराज इस्तीफ़ा नहीं देंगे और न ही उनसे इस्तीफ़ा मांगा जाएगा! इसके पीछे भी बड़ी वजह है. लखीमपुर कांड पर यूपी सरकार शुरुआत से ही मामले पर पर्दा डालने की जद्दोजहद में जुट गई थी। देखा जाए तो कुछ हद तक वह इसमें कामयाब भी हुई है। लखीमपुर कांड को लेकर किसानों ने जो तहरीर दी थी, उस तहरीर में गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी का भी नाम था, लेकिन जब एफआईआर दर्ज की गई उसमें मंत्री का नाम ही नहीं है जबकि एफआईआर अमूमन उन्हीं लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज की जाती है जिनके ख़िलाफ़ तहरीर दी जाती है और आज SIT द्वारा दाख़िल की गई चार्जशीट में भी टेनी महाराज का नाम नहीं है। पुलिस ने कितनी चालाकी से एफआईआर से अजय मिश्रा का नाम हटा दिया… इसी को सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति कहते हैं?

    वहीँ विपक्ष भी यही मांग कर रहा है है, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा “लखीमपुर किसान हत्याकांड में 5 हज़ार पेज की चार्जशीट वास्तव में भाजपा की डबल इंजन सरकार का काला चिट्ठा है। आज भाजपा का हर समर्थक-कार्यकर्ता शर्मिंदा है और सामाजिक बहिष्कार के डर से डरा है। जो जीवन देनेवाले अन्नदाता की हत्या कर सकते हैं, वो किसी और को क्या छोड़ेंगे।

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    Ashish Viraj Shukla
    crazy about News ....😊

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