Tuesday, July 5, 2022
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    ज़िम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने वाले पीएम मोदी ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ेंगे, और बचाव भी नेहरू से कराएँगे?

    Modi again blames Congress Nehru for his mistakesसोमवार को संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे 90 मिनट तक बोला। इस दौरान देश के प्रधानमंत्री मात्र कॉंग्रेस पर निशाना साधते दिखे। उनकी बातों से ऐसा लग रहा था जैसे पीएम मोदी देश की गिरती अर्थव्यवस्था,ग़रीबी से पल्ला झाड़ रहे हो।

    कॉंग्रेस पर निशाना साधने के चक्कर में पीएम मोदी इतने खो गए कि उन्हें ध्यान ही नहीं रहा कि कब अपनी ही सरकार को वो झूठा साबित करने लगे।

    पीएम मोदी ने आज संसद में कहा कि “कुछ ने राजनीतिक लाभ के लिए कोरोना महामारी का सहारा लिया”
    लेकिन कोरोना महामारी का फायदा किसने उठाया ये देश की जनता को पता है।

    कोरोना की पहली लहर के बाद  मोदी सरकार ने ढोल पीट-पीटकर पूरी दुनिया को बताया था कि कैसे उनकी सरकार ने कोरोना महामारी को हरा दिया।

    कोरोना की पहली लहर के दौरान प्रधानमंत्री ने ताली थाली दीप इत्यादि जलाने की सलाह दी थी और कहा था कि महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था, हम 21 दिन में कोरोना से युद्ध जीत लेंगे

    कोरोना की पहली के बाद मोदी सरकार के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने बयान दिया था कि “भारत में कोरोना महामारी अपने अंतिम दौर में है।”

    तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने शुरुआती मार्च में ही कहा कि देश में अब कोरोना खत्म हो चुका है। उस वक़्त उन्होंने कहा था- “वैश्विक संकट के समय, मोदी जी के नेतृत्व में, भारत अंतरराष्ट्रीय सहयोग में दुनिया के लिए एक उदाहरण के रूप में उभरा है।”

    मोदी सरकार के मंत्री जोर शोर से पीएम मोदी को मसीहा बताने लगे। कहने लगे कि कैसे उनके कुशल नेतृत्व में देश में कोरोना महामारी को खत्म कर दिया। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश के लाखों लोगों ने अपनों को खोया। लेकिन पीएम मोदी मोर से खेलते दिखे और लोगों से अपील की कि वह सकारात्मक रवैया अपनाए।

    ऑक्सीजन की कमी से लाखों लोगों की जिंदगी खत्म हो गई। हजारों लाशें गंगा में तैरती दिखी। लेकिन मोदी सरकार ने बड़ी बेशर्मी से नकारते हुए कहा कि ना तो उनके पास ऑक्सीजन की कमी से मरने वालों की आंकड़ा है और ना ही गंगा में तैरती हुई लाशों की कोई गिनती।

    Dead Bodies in Ganga during Covid

    मोदी सरकार अगर वास्तविक डेटा को दिखाएगी तो राजनीतिक लाभ कैसे मिलेगा। उनकी फोटो वैक्सीन पर दिखने लगी।दुनिया में बताया गया कि कैसे वह अपनी वैक्सीन कूटनीति से दुनियाभर के लोगों का भला कर रहे हैं। उन्हें “वैक्सीन गुरु” तक कहा जाने लगा। उन्होंने मुफ्त वैक्सीन को भी अपने चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल किया। शायद पीएम मोदी ने आज संसद में अपनी ही बात की है, क्योंकि इन सब का फायदा तो सीधे तौर पर पीएम मोदी को ही मिलता दिख रहा है।

    राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विपक्ष की वजह से यूपी पंजाब और उत्तराखंड में कोरोना विस्फोट हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रवासी मजदूरों को फ्री में ट्रेन और बस की टिकट थमा दी, जिससे यूपी,पंजाब और उत्तराखंड में कोरोना विस्फोट हुआ।

    यहां भी पीएम मोदी ने बड़े साफगोई से झूठ बोल दिया। जब पीएम मोदी और उनकी सरकार टीवी पर रामायण देखने में व्यस्त थी तब लाखों प्रवासी मजदूर पैदल हजारों किलोमीटर की यात्रा कर रहे थे। तब विपक्ष और सामाजिक लोग प्रवासी मजदूरों को अपने स्तर से मदद कर रहे थे।

    मोदी जी ने आरोप लगाया कि कैसे कांग्रेस ने महाराष्ट्र में मज़दूरों को घर भेजने के लिए मुफ्त रेल टिकट बांटी जिससे कोरोना पूरे देश में फ़ैल गया। प्रधानमंत्री ने कोरोना काल में गैर भाजपा शासित राज्यों से मज़दूरों की घर वापसी का ज़िक्र तो किया पर उत्तरप्रदेश से बिहार गए मज़दूरों की बात नहीं की।

    फिर मोदी सरकार ने खुद प्रवासी मजदूरों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलवाई थी। तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर अपनी खुशी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 28 मई 2020 तक 50 प्रवासी मजदूर अपने घर पहुंच चुके हैं।

    Piyush Goyal Tweet on Corona
    तब कई संगठनों ने उनसे किराया न वसूलने की अपील भी की थी, लेकिन उस वक्त सरकार ने मात्र 75% शुल्क को माफ किया था। बाकी की 25% कांग्रेस ने अपने कोटे से दिया था।

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने पीएम मोदी सवाल किया कि देश में वायरस कैसे पहुंचा। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी पहले ही कह चुके थे कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रोक दी जानी चाहिए ताकि मामले न बढ़ें, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।”हमने लोगों को 106 ट्रेनों से भेजा। जब सरकार ने कहा कि वे 75 प्रतिशत किराया माफ कर रहे हैं, तो हमने शेष 25 प्रतिशत भुगतान करने का काम किया और उनके खाने-पीने की व्यवस्था की।”

    महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। उन्होंने कहा “महाराष्ट्र विकास अघाड़ी ने लॉकडाउन के दौरान बिहार और उत्तर प्रदेश के मजदूरों के लिए बहुत काम किया है। हमने उनका ख्याल रखा और जब वे घर जाना चाहते थे, तो हमें उनके टिकट मिल गए। जो जिम्मेदारी केंद्र सरकार को लेनी चाहिए थी वो हमने ली।”

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर पीएम मोदी को सम्वेदनशील होने को कहा। सीएम ने कहा-
    “प्रधानमंत्री जी का ये बयान सरासर झूठ है। देश उम्मीद करता है कि जिन लोगों ने कोरोना काल की पीड़ा को सहा, जिन लोगों ने अपनों को खोया, प्रधानमंत्री जी उनके प्रति संवेदनशील होंगे। लोगों की पीड़ा पर राजनीति करना प्रधानमंत्री जी को शोभा नहीं देता।”

    अपने भाषण में पीएम मोदी ने मात्र यूपी,पंजाब और उत्तराखंड में हुए कोरोना विस्फोट का जिक्र किया। शायद संसद से भी पीएम मोदी चुनावी दांव पेच खेल रहे हैं। यूपी,पंजाब और उत्तराखंड में आने वाले समय में चुनाव होने हैं। लेकिन अगर बिहार में अभी चुनाव हो रहे होते तो शायद पीएम मोदी बिहार का भी नाम लेते हैं। और तभी पीएम मोदी को बिहारी प्रवासी मजदूर दिखते। तभी पीएम मोदी देखते कि कैसे लाखों लोग हजारों- हजार किलोमीटर पैदल अपना सफर तय कर रहे हैं। भूखे प्यासे रहकर कैसे प्रवासी मजदूर अपने घरों की तरफ जा रहे हैं। यह तो मोदी सरकार को सोचना चाहिए कि इनके डबल इंजन के सरकार में  क्यूँ करोड़ों लोग पलायन के लिए मजबूर हैं।

    Didi o Didi

    चुनाव के दौरान पीएम मोदी कहते हैं कि “जहां तक नजर जा रही है बस लोग ही लोग दिख रहे हैं, उन्होंने अपने जीवन में इतनी भीड़ नहीं देखी है।” और ये तब कहा जा रहा था जब कोरोना पीक पर था। इससे साफ-साफ समझा जाना चाहिए कि पीएम मोदी को सब कुछ साफ-साफ दिख रहा था।उन्हें वह प्रवासी मजदूर जो हजारों हजार किलोमीटर पैदल चल रहे थे वह भी दिख रहे थे और उन्हें चुनाव में लोगों की भीड़ भी दिख रही थी। फर्क़ बस इतना सी थी कि चुनावी भीड़ के जरिए वो बंगाल की सत्ता पर काबिज होते, और प्रवासी मजदूरों की भीड़ देखकर उन्हें अपनी नाकामी दिखती।

    अपने भाषण के दौरान उन्होंने कांग्रेस को “टुकड़े-टुकड़े गैंग” का लीडर बताया। क्या मोदी सरकार ये बताएगी कि वो  आज झूठ बोल रही है या 2 साल पहले झूठ बोल रही थी। 30 जनवरी 2020 को एक आरटीआई के जवाब में मंत्रालय ने कहा था कि उनके पास टुकड़े-टुकड़े गैंग के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में अंबानी-अडानी को डबल A वेरिएंट कहने के बचाव में राहुल गांधी पर निशाना साधा और उन्हें याद दिलाया कि कैसे पहले की कांग्रेस सरकारों को उनके अपने सहयोगियों द्वारा ‘टाटा बिड़ला सरकार’ के रूप में पुकारा जाता था।ऐसी कहते हुए मोदी अंबानी-अड़ानी के बचाव में उतरकर सेल्फ़ गोल कर गए?

    पीएम मोदी देश की गिरती अर्थव्यवस्था और ग़रीबी के लिए नेहरू और कॉंग्रेस को जिम्मेदार बता रही है। कब तक पीएम मोदी अपनी नाकामी छिपाने के लिए नेहरू की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते रहेंगे?

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    Shruti Bhardwaj
    Journalist, who loves to write only Political news. Love Satire. Keen Observer and a good orator.

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