Wednesday, November 30, 2022
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    दिल में गोडसे लिए घूमने वालों को भी गांधी को ही श्रद्धा सुमन अर्पित करने पड़ते हैं, यही गांधी की जीत है

    गांधी एक विचार हैं, और विचार कभी मरते नहीं हैं।

    गांधी एक विचार हैं, गांधी सत्य हैं, शाश्वत हैं, गांधी महात्मा हैं, गांधी मरा नहीं करते,गांधी रग- रग में जीते हैं।
    आज राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 72वीं पुण्यतिथि है।
    हिन्दू महासभा और आरएसएस सदस्य नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को गांधी जी की हत्या कर दी थी। उसके बाद से गोडसे प्रेमी लगतार गांधी जी के विचारों और उनके चरित्र का हनन करते आए हैं। गोडसे प्रेमी जैसे लोग लाख कोशिश कर ले लेकिन गांधी जी के विचारों को कभी खत्म नहीं कर सकते।

    देश के प्रधानसेवक नरेंद्र मोदी विदेशों में गांधी जी और उनकी विचारधारा को पूजते नहीं थकते हैं।दुनिया के सामने दिखाते हैं कि गांधी जी के बताये रास्तों पर ही चलते हैं।लेकिन अपने ही देश में, अपने ही लोगों को गांधीजी के खिलाफ बोलने पर उसे “दिल से माफ” नहीं कर पाते हैं।
    अपनी ही पार्टी के सांसद को प्रधानमंत्री मोदी कुछ भी नहीं कह पाते हैं। भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ने एक बार नहीं बल्कि कई बार गांधीजी के हत्यारे गोडसे को देशभक्त बताया और गांधी जी की हत्या को सही ठहराया। लेकिन फिर भी मोदी जी को सिवाय “बुरा लगने” के अलावा कुछ नहीं लगा।

    कुछ सालों से एक ट्रेंड चला आ रहा है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्मतिथि हो या फिर पुण्यतिथि कुछ समय तक तो कुछ राजनेता गांधी जी को अपना श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। लेकिन समय बीतते ही गोडसे जाप करने लगते हैं। सोशल मीडिया पर भी गोडसे प्रेमियों की कमी नहीं है। गांधी जी के विचारों को खत्म करने की नाकाम कोशिश करते दिख जाते हैं।

    ट्विटर पर गोडसे समर्थक खुलेआम गांधी जी की हत्या को सही ठहराते हैं, लेकिन फिर भी प्रधानसेवक नरेंद्र मोदी कुछ नहीं कर पाते हैं। ऐसा नहीं है कि मोदी जी को बुरा नहीं लगता है। अरे भई, बुरा लगता है लेकिन बेचारे इन लोगों को “माफ” नहीं कर पाते हैं। बेचारे इतने बेबस हो जाते हैं कि वह कुछ कर नहीं पाते हैं। हाल ही में प्रधान सेवक अमेरिकी दौरे पर गए थे। वहां गांधी जी के नाम और उनके विचारों की दुहाई देते नहीं थके।

    भले ही गोडसे भक्त गांधी जी की प्रासंगिकता पर सवाल उठाते रहे, लेकिन सच्चाई यह है कि उनके विचार अनादि काल तक चलते रहेंगे। आज भी विदेशों में लोग गांधीजी की शांति, सत्य और अहिंसा की मिसाल दी जाती है,और उनके बताए हुए रास्ते पर दुनिया चलती है। गांधी जी अहिंसावादी थे और अन्याय के विरोध में हमेशा अपनी आवाज उठाते रहे।

    हिंदू महासभा हर साल गांधी जी का अपमान करती है। महात्मा गांधी के पुतले बनाकर उन पर हिंदू महासभा के लोग गोली चलाते हैं। गांधी जी की हत्या का महिमामंडन किया जाता है, गांधीजी के बारे में दुष्प्रचार किया जाता है। हत्यारे नाथूराम गोडसे को महिमामंडन कर देश का सच्चाभक्त बताया जाता है। लेकिन प्रधानसेवक “दुःख” का घूंट पीकर रह जाते हैं।

    आज गांधी जी की 72वीं पुण्यतिथि है। हिंदू महासभा,आरएसएस ने लाखों प्रयत्न किए कि गांधी के विचारों को मारा जाए, लेकिन आज भी पूरी दुनिया के सामने आरएसएस प्रमुख गांधी को पूजते हैं। यही आरएसएस के लोगों की हार है और गांधी के विचारों की जीत। आरएसएस
    के लोग गांधी जी के कामों को और उनके विचारों को मिटाने की कोशिश हमेशा करते हैं, लेकिन बार- बार मुंह की खानी पड़ती है।

    देश के प्रधानसेवक भले “दिल से माफ़” ना कर पाए हो। लेकिन देश की जनता बखूबी समझती है कि “दिल से माफ़” ना कर पाने वाले का दिल उन्हीं लोगों के साथ मिला हुआ है। गांधीजी और उनके विचारों के सामने झुकना ही “माफ न कर पाने वाले” की हार है।

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    Shruti Bhardwaj
    Journalist, who loves to write only Political news. Love Satire. Keen Observer and a good orator.

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