Tuesday, July 5, 2022
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    प्रधानमंत्री जी! आपकी चुप्पी नफरती आवाजों को बुलंद कर रही है। धर्म संसद पर IIM के छात्रों और स्टाफ़ का मोदी के नाम खुला पत्र

    नई दिल्ली: यह पत्र हाल ही में हरिद्वार धर्म संसद कार्यक्रम के बाद सुर्ख़ियों में आया है जहां कुछ हिंदू धार्मिक नेताओं ने लोगों से मुसलमानों के ख़िलाफ़ हथियार उठाने का आग्रह किया और नरसंहार का आह्वान किया। ऐसा माना जा रहा यह पत्र इसी धर्म के मद्देनज़र लिखा गया है
    भारतीय प्रबंधन संस्थान के छात्रों और फैकल्टी मेंबर्स के एक समूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश में अभद्र भाषा और जाति आधारित हिंसा के खिलाफ बोलने का अनुरोध किया।

    हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि इन मुद्दों पर पीएम की चुप्पी नफ़रत भरी आवाज़ो को और बढ़ावा दे रही है।

    आपकी चुप्पी,माननीय प्रधानमंत्री, नफ़रत से भरी आवाज़ो को बुलंद कर रही है और हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है। हम आपसे अनुरोध करते हैं, माननीय प्रधानमंत्री, विभाजित करने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ मज़बूती से खड़े रहें।” NDTV की रिपोर्ट के अनुसार पत्र में कहा गया है, “धर्म/जाति पहचान के आधार पर समुदायों के खिलाफ अभद्र भाषा और हिंसा का आह्वान स्वीकार नहीं है।

    हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि भले ही भारतीय संविधान ने सम्मान के साथ अपने धर्म का पालन करने का अधिकार प्रदान किया हो, लेकिन देश में भय की भावना है।

    हमारे देश में अब भय की भावना है – हाल के दिनों में चर्चों सहित पूजा स्थलों में तोड़फोड़ की जा रही है, और हमारे मुस्लिम भाइयों और बहनों के खिलाफ हथियार उठाने का आह्वान किया गया है। यह सब बिना किसी दंड के किया जाता है और बिना किसी उचित प्रक्रिया के डर के,

    पत्र पर 183 छात्रों और स्टाफ़ ने हस्ताक्षर किए, जिनमें आईआईएम-अहमदाबाद और आईआईएम-बेंगलुरु के 13 फैकल्टी मेंबर्स , छात्र शामिल हैं।

    अब देखने वाली बात होगी प्रधानमंत्री कब बोलते है कैसे बोलते है जब इसी भारतीय गणराज्य में एक राज्य जिसके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हैं उन्होंने 48 घंटों के भीतर गांधी को अपशब्द कहने वाले कालीचरण को पकड़ लिया था | जब देश एक विधान , एक संविधान है तो क़ानूनी कार्रवाई अलग अलग क्यों? सोचिएगा ज़रूर ।

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    Ashish Viraj Shukla
    crazy about News ....😊

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