Wednesday, November 30, 2022
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    TRAD और RAITA के बीच की उपज है बुल्ली बाई डील्स, सोशल मीडिया पर क्यों मचा है घमासान, कौन हैं हिंदुओं में TRADS और RAITA!

    इन दिनों सोशल मीडिया पर दो शब्दों को लेकर घमासान मचा हुआ है। TRAD और RAITA.
    अब इस रिपोर्ट को ध्यान से पढ़िये और समझिये कि आखिर इन दो शब्दों का मतलब क्या है और क्यों इसे बुल्ली बाई डील्स से जोड़कर देखा जा रहा है।

    सबसे पहले बात करते हैं बुल्ली बाई ऐप से जुड़ी अब तक की अपडेट्स की। इस मामले में अब तक 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। तीन आरोपियों को मुंबई पुलिस ने, तो एक मुख्य आरोपी को दिल्ली पुलिस ने असम से गिरफ्तार किया है। ग़ौर करने वाली बात ये है कि इन चारों आरोपियों की उम्र 18 से 21 वर्ष के बीच है। जिस उम्र में युवा अपने करियर के बारे में सोचते हैं उस उम्र में ये लोग मुस्लिम महिलाओं को सैक्शुअली ऑब्जेक्टिफाई करने लगे।

    न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट के मुताबिक विशाल झा, श्वेता सिंह और मयंक रावत की गिरफ्तारी के बाद रितेश झा नाम के एक युवक ने इन लोगों के समर्थन में इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया-
    मेरे दो छोटे भाई और एक बहन को आज गिरफ्तार किया गया। राइट विंग के जो लोग इनके ख़िलाफ बोल रहे हैं उनसे सामना किया जाएगा। जल्द मिलते हैं बच्चों # Mumbai Meetup
    अब रितेश झा के बारे में आप जान लीजिए। रितेश झा अपने यूट्यूब चैनल “लिबरल लॉज” से लगातार पाकिस्तानी महिलाओं के ख़िलाफ इस्लामोफोबिक और सेक्शुअली ऑब्जेक्टिफाईड कंटेट परोस रहा था। 13 मई 2021 को यूट्यूब ने रितेश का चैनल बंद कर दिया था।

    गौरतलब है कि रितेश खुद को बुल्ली बाई ऐप मामले में गिरफ्तार आरोपियों का बड़ा भाई बता रहा है। साथ ही राइट विंग के लोगों को भी टार्गेट कर रहा है।
    अब बात करते हैं ट्रैड और रायता नामक बला की।

    ट्रैड; माने ट्रेडिशन, वो लोग जो कट्टर दक्षिणपंथी हैं और पुरानी रूढ़िवादी सोच पर चलने को अपना धर्म समझते हैं। आसान भाषा में कहें तो ये लोग जातीय व्यवस्था के कड़े हिमायती हैं। द्वारका और पुरी शंकाराचार्य को ये लोग अपना गुरू मानते हैं। जो इनके कट्टर दक्षिणपंथी विचारों से सहमति नहीं रखता है उसे ये लोग हिन्दू भी नहीं मानते हैं।इनके हिसाब से बीजेपी,आरएसएस और सावरकर की आइडियोलॉजी इनकी सबसे बड़ी दुश्मन है। सोशल मीडिया पर इनकी नेटवर्किंग बहुत स्ट्रॉंग है और इसमें ज्यादातर युवा शामिल हैं। ये लोग दलित प्रोगरेस के खिलाफ होते हैं और साथ ही छूआछूत में विश्वास रखते हैं। ये लोग बाह्मण के अलावा किसी और जाति को नहीं मानते हैं।

    रायता, माने जिनकी सोच हिन्दुत्ववादी होती है। ये लोग मुख्यधारा के जागृत हिंदू होते हैं। ये लोग घर वापसी,विधवा विवाह और नए आइडियाज़ को मानने में यकीन रखते हैं। और ट्रैड्स इसके सख्त खिलाफ होते हैं और आरएसएस को रायता मानते हैं।ट्रैड्स और रायता दोनों मुस्लिम या अन्य समुदाय को टार्गेट कर सकते हैं। लेकिन रायता कभी भी दलित वर्गों को अपने निशाने पर नहीं लेते हैं। वहीं ट्रैड्स का मुख्य काम ही दलितों को नीचा दिखाना है।

    न्यूजलॉन्ड्री की रिपोर्ट के मुताबिक युवाओं के बीच ट्रैड काफी प्रचलित है। राइट विंग इंफ्लूएंसर पहले इन युवाओं का ब्रेनवॉश करते हैं और फिर उन्हें ट्रैड्स के सोशल मीडिया का वॉरियर बनाते हैं। बता दें कि इस मिशन में ट्रैड ने इन युवाओं की फौज तैयार कर रखी है जो सोशल मीडिया पर नफरत फैलाती है।

    बुल्ली बाई ऐप से इसे जोड़कर इसलिए देखा जा रहा है कि ये युवा सोशल मीडिया पर किसी न किसी हेट कमेंट्स या स्पीच में शामिल रहे हैं। उदाहरण के तौर पर 21 वर्षीय विशाल झा @saffrontoxture ट्विटर हैंडल को चला रहा था जो कि उसकी गिरफ्तारी से पहले सस्पेंड हुआ। इससे पहले वो @toxture,@GangesScion और @mithilasher नाम से ट्विटर हैंडल चला रहा था। 18 वर्षीय श्वेता सिंह @kadhiichawal नाम से ट्वीटर हैंडल चला रही थी जिसे रितेश झा भी फॉलो कर रहा था। अकाउंट सस्पेंड होने के बाद श्वेता @shreee01 नाम के अकाउंट से अपनी गिरफ्तारी तक एक्टिव थी। और ये सभी अकाउंट मुस्लिमों और दलितों के खिलाफ जहर उगल रहे थे।

    पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर ट्रैड्स और रायता के बीच युद्ध छिड़ा हुआ है। ट्रैड के गुरू यानी पुरी शंकराचार्य का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दलितों,शूद्रों, छुआछूत और इंटरकास्ट शादियों पर जहर उगलते दिख रहे हैं।

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    Shruti Bhardwaj
    Journalist, who loves to write only Political news. Love Satire. Keen Observer and a good orator.

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