Tuesday, July 5, 2022
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    Union budget 2022: चिदंबरम बोले- अमीरों के लिए है यह बजट, पूछा गरीब क्या अमृतकाल के उदय होने तक का इंतजार करें?

    P Chidambram and Sitharaman

    वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट पेश किया। बजट पेश होने के बाद से ही देश में बजट पर चर्चा हो रही है। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर बजट को लेकर लगातार तीखे शब्दों का हमला शुरू कर दिया है। एक तरफ केंद्र सरकार इसे ऐतिहासिक और समय के साथ चलने वाला बजट बता रही है, लेकिन वही विपक्षी दल लगातार इसकी कमियां गिना रहे हैं।

    बजट पेश होने के बाद पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने इसे “पूंजीवादी”(capitalist) बजट बताया है। साथ ही दावा किया कि सरकार ने अपने बजट में गरीब वर्ग को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। बजट के पेश होने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान पी चिदंबरम ने कहा कि “आज का बजट भाषण किसी वित्तमंत्री द्वारा पढ़ा गया अब तक का सबसे पूंजीवादी भाषण था। ‘गरीब’ शब्द पैरा 6 में केवल दो बार आया है। हम वित्तमंत्री को यह याद रखने के लिए धन्यवाद देते हैं कि इस देश में गरीब लोग हैं। सरकार के इस पूंजीवादी बजट को लोग खारिज कर देंगे।

    उन्होंने कहा कि मैं स्तब्ध हूं कि वित्तमंत्री अगले 25 वर्षों के लिए एक योजना की रूपरेखा तैयार कर रही थीं। सरकार को लगता है कि वर्तमान पर किसी को ध्यान देने की जरूरत नहीं है। जनता को ‘अमृत काल’ के क्या आने तक आराम से बैठ कर इंतजार करने के लिए कहा जा सकता है। देखा जाए तो ये बजट भारत के लोगों का मजाक उड़ा रहा है।”

    उन्होंने कहा कि “तमिल में एक कहावत है , गधा धीरे-धीरे छोटा होता गया, होता गया और फिर कीड़ा बन गया। ” उन्होंने आगे कहा- आज बजट में वो कह रहे हैं कि कुछ गति शक्ति जैसी योजना से 5 वर्षों में 60 लाख नौकरियां दे पाएँगे, जबकि वादा करते फिर रहे थे 1 साल में 2 करोड़ नौकरियां देने का, उसका क्या हुआ ?’

    वर्चुअल डिजिटल करेंसी पर टैक्स को लेकर चिदंबरम ने कहा कि ये जाहिर तौर पर देश के बहुत अमीर लोगों के इशारे पर हुआ है। आरबीआई के बजाए वित्तमंत्री ने खुद घोषणा की है कि क्रिप्टोकरेंसी आज से कानूनी है, जबकि ये सब भारत के 99.99 प्रतिशत लोगों के लिए फायदेमंद नहीं है।

    इससे पहले राहुल गांधी ने भी बजट पर व्यंगात्मक टिप्पणी करते हुए लिखा था कि “M0di सरकार का Zer0 सम बजट! इनके लिए कुछ नहीं – वेतनभोगी वर्ग, मध्यम वर्ग , गरीब और वंचित, युवा , किसान , एमएसएमई ।
    जिस पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि ये टिपिकल ‘यूपी टाइप’ का कमेंट है।
    वित्त मंत्री सीतारमण के इस बयान पर पी चिदंबरम ने जवाब देते हुए कहा कि “चलिए मैं इस पर एक टिपिकल तमिलटाइम जवाब देता हूं –
    1) 0 कैश असिस्टेंस
    2) नौकरी गंवाने वालों के लिए 0 सहायता
    3) 3) उन लोगों के लिए 0 सहायता जो नौकरी की तलाश में हैं
    4) एमएसएमई, भूख, मुद्रास्फीति के लिए 0
    5) तो 0+ 0+0+0+0= 0 योग बजट ।”

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    Tannu Rai
    Learning journalism, blogs are all about my opinion and perspective on different topics. Mostly write about the on going events of politics, social and entertainment industry. Blogs are in very simple language nd topics are related common people. In entertainment field, love to write about their fashion, life ,style,diets,and professional work . Also write about social issues and development of society.

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