Saturday, May 21, 2022
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    Opinion

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    इंतज़ार करते हैं हम अपने, “होम स्वीट होम” जाने का, पर इन लोगों का क्या?

    ऐसी कौन सी चीज़ है जिसके बारे में सोचकर हम सभी को रात में चैन की नींद आ जाती है? चाहे कितनी ही शान...

    नाम बदलकर मेटा करने से कोई फ़ायदा नहीं, जकरबर्ग ये ग़लतियाँ न करते तो फ़ेसबुक के 1 मिलियन यूज़र्स न घटते

    ऐसा लगता है कि लोगों का मोह अब फ़ेसबुक से घटता जा रहा है। फ़ेसबुक के डेली यूजर्स में पहली बार 10 लाख से...

    एबीपी न्यूज़ में जिसने भी ये ग्राफ़ बनाया है उसे वॉट्सऐप युनिवर्सिटी का टॉपर घोषित किया जाए

    देखिए, ये वही टीवी चैनल हैं जो आपको रोज़ सच दिखाने का वादा करते हैं , खुद को निष्पक्ष बोलने की होड़ में उन्हीं...

    कैराना में फिर ‘पलायन’ की एंट्री कैसे हुई! मीडिया से इस स्क्रिप्ट को तैयार कराया गया!

    जैसे-जैसे यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है राजनीति अपने रंग में दिख रही है। बीजेपी अपना पसंदीदा चुनावी दांव धीरे-धीरे खेल रही है।...

    बंद कर दो अपने टीवी, ये नफ़रत के सौदागर आपके बीच दंगे कराके छोड़ेंगे

    आज की भारतीय मीडिया सबसे निचले स्तर पर है।मेनस्ट्रीम मीडिया का काम बस ध्रुवीकरण और तुष्टिकरण करना रह गया है।इसमें कोई शक नहीं होनी...

    क्या है आईएएस कैडर नियम 1954 कि सीएम ममता के बाद अब गहलोत और बघेल को भी लिखना पड़ा पीएम को पत्र!

    केंद्र सरकार आईएएस कैडर नियम 1954 में कुछ संशोधन करने जा रही है। जिसके बाद से कई राज्यों की सरकारों ने अपनी कड़ी आपत्ति...

    “आज तक” मीडिया हाउस के शो में अखिलेश यादव ने मीडिया एंकर को अपने जवाबों से ऐसा धोया कि एंकर गुस्से से आग बबूला...

    आजतक के यूपी चुनावी कार्यक्रम 'पंचायत' में अंजना ओम कश्यप समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का इंटरव्यू ले रही थी. बातों बातों में...

    न्यूज़लॉन्डरी का आभार लेकिन आख़िर में उठाए संदेह का एक ही जवाब, महाज़िद्दी हूँ मैं

    फ़ेसबुक पर 8 लाख फ़ॉलोवर्स की बधाई आप सभी को। साथ में ये एक स्क्रीनशॉट शेअर कर रही हूँ। ये ईयर एंडर की तरह Newslaundry Hindi...

    ‘Those who are protesting are not real doctors’ Netizens remark and this is why

    New Delhi: Resident Doctors protest has now been intensified after yesterday's event when several resident doctors were detained by Delhi Police while they were...

    Opinion: हरदीप पुरी और मैं एक ही ईसाई स्कूल से पढ़े, इसलिए उनके नाम खुला ख़त

    जिस तरह मुसलमानों के बाद सिखों और अब ईसाइयों तक सरकार द्वारा प्रायोजित दंगाइयों के हाथ पहुँच गए हैं उससे वो दिन दूर नहीं...

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