Wednesday, November 30, 2022
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    किसानों को कुचलने के आरोप में छोटे टेनी को मिली ज़मानत, किसान परिवारों में फिर से शोक

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    लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को हाई कोर्ट से जमानत मिली गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्रा को बीते रोज 10 फरवरी को जमानत दे दी है।

    तिकोनिया निघासन विधानसभा क्षेत्र में पिछले साल तीन अक्टूबर को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के एक तल्ख बयान और तीन नए कृषि कानूनों के किसानों के विरोध के दौरान हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोग मारे गए थे। इस मामले में टेनी के बेटे आशीष को मुख्य अभियुक्त के तौर पर गिरफ्तार किया गया था। हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आशीष मिश्रा आज यानी 11 फरवरी को जेल से बाहर आ सकते हैं।

    सेशन कोर्ट से जमानत याचिका रद्द होने के बाद आशीष मिश्र ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका डाली थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें इस मामले में राहत दी है।

    हिंसा के मामले में SIT ने चार्जशीट फाइल की थी। 5000 पन्नों की इस चार्जशीट में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू भइया को मुख्य आरोपी बनाया गया है। आशीष मिश्रा समेत 16 लोगों को आरोपी बताया गया है‌।

    पहले से ही सरकार से नाराज किसान आशीष मिश्रा को जमानत मिलने से काफी नाराज हैं । उन सभी लोग और परिवारों में गुस्सा है जिन्होंने इस घटना में अपने कलेजे के टुकड़ों को खो दिया था। पिछले साल 3 अक्टूबर को आशीष मिश्रा की कार से कुचले गए 19 वर्षीय गुरविंदर सिंह के पिता सुखविंदर सिंह ने कहा, “उसे इतनी जल्दी जमानत मिलना अच्छा संकेत नहीं है।” उन्होंने कहा, “इस सरकार से पहले ही हमें कोई उम्मीद नहीं थी और अब को बिल्कुल भी कोई उम्मीद नहीं है… अजय मिश्रा टेनी को अभी भी हटाया नहीं गया है।”

    कोर्ट से बेल मिलने के मामले में दिवंगत पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन कश्यप का कहना है कि “वकीलों की ओर से दलीलें नहीं सुनी गईं। नए सिरे से सुनवाई की उनकी अपील भी स्वीकार नहीं की गई। ”

    आपको बता दें कि किसानों की भारी विरोध के बावजूद सरकार ने केंद्रीय राज्य मंत्री को यह कहते हुए नहीं हटाया है कि मामले की जांच की जा रही है। वहीं किसान सुखविंदर सिंह ने कहा, “मोदी जी वहां बैठते हैं और एक के बाद एक जुमला देते हैं। लेकिन वह अपने ही मंत्री को हटा भी नहीं सकते।” दो दिन पहले जब एक न्यूज़ एजेंसी के साथ इंटरव्यू के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर सवाल किए गए तो वह बोले कि “राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जो कमेटी चाहिए थी, सुप्रीम कोर्ट जिस जज के लिए जांच चाहता था, उसके लिए अपनी सहमति दे दी थी। राज्य सरकार पारदर्शी तरीके से काम कर रही है।”

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के पहले सत्र में वोटिंग पड़ने के बाद आशीष मिश्रा के बाहर आने पर कई राजनीतिक पार्टियां भी सवाल उठा रही हैं। लोगों और विपक्ष का कहना है कि सरकार 10 फरवरी का ही इंतजार कर रही थी, ताकि वह आशीष मिश्रा को बचा भी लें और उनके वोट बैंक पर भी कोई असर ना आए। विपक्ष का कहना है कि के इस फैसले से किसान तबका बेहद नाराज़ है।

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    Tannu Rai
    Learning journalism, blogs are all about my opinion and perspective on different topics. Mostly write about the on going events of politics, social and entertainment industry. Blogs are in very simple language nd topics are related common people. In entertainment field, love to write about their fashion, life ,style,diets,and professional work . Also write about social issues and development of society.

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